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Education News- दिल्ली में स्कूलों को 15 जुलाई तक बनानी होगी फीस रेगुलेशन कमेटी, सरकार ने दिए आदेश

 
Education News-  दिल्ली में स्कूलों को 15 जुलाई तक बनानी होगी फीस रेगुलेशन कमेटी, सरकार ने दिए आदेश

दोस्तो दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को सख्ती और पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने राजधानी के सभी प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाले स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। 'दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस तय करने और रेगुलेशन में पारदर्शिता) एक्ट, 2025' लागू होने के बाद, स्कूलों से कहा गया है कि वे 15 जुलाई, 2026 तक 'स्कूल-लेवल फीस रेगुलेशन कमेटियां' (SLFRCs) बनाएं, आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नए कानून का मकसद स्कूल की फीस तय करने की प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, साथ ही माता-पिता को मनमानी फीस बढ़ोतरी और छिपे हुए चार्ज से बचाना है।

शिक्षा एक सेवा है, कोई बिज़नेस नहीं

दिल्ली सरकार हर बच्चे के लिए अच्छी क्वालिटी की शिक्षा को सस्ता और आसानी से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ज़ोर दिया कि शिक्षा को कमर्शियल गतिविधि के बजाय एक सामाजिक सेवा के तौर पर देखा जाना चाहिए।

स्कूलों को बिना वजह फीस बढ़ाकर या छिपे हुए चार्ज लगाकर माता-पिता पर फालतू आर्थिक बोझ डालने की इजाज़त नहीं होगी। स्कूलों द्वारा ली जाने वाली हर फीस अब पारदर्शी, उचित और पूरी तरह जवाबदेह होनी चाहिए।

15 जुलाई तक बनेंगी स्कूल-लेवल फीस रेगुलेशन कमेटियां

सभी प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाले स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे 15 जुलाई, 2026 तक अपनी 'स्कूल-लेवल फीस रेगुलेशन कमेटियां' (SLFRCs) बना लें।

ये कमेटियां नए कानून के प्रावधानों के तहत स्कूल की फीस के प्रस्तावों की समीक्षा और रेगुलेशन में अहम भूमिका निभाएंगी।

लॉटरी के ज़रिए चुने जाएंगे माता-पिता और टीचर के प्रतिनिधि

माता-पिता के पांच प्रतिनिधि और टीचर के तीन प्रतिनिधि पब्लिक लॉटरी (ड्रॉ ऑफ़ लॉट्स) के ज़रिए चुने जाएंगे।

स्कूलों को लॉटरी करने से कम से कम सात दिन पहले पब्लिक नोटिस जारी करना होगा।

पूरी चयन प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए।

निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त ऑब्ज़र्वर लॉटरी की निगरानी करेगा।

नियम तोड़ने पर सख़्त कार्रवाई

दिल्ली सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई स्कूल मैनेजमेंट कमेटी चुनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है या एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। 

आर्थिक दंड

स्कूल की मान्यता का निलंबन या रद्दीकरण

गंभीर मामलों में स्कूल के मैनेजमेंट को सरकार द्वारा अपने हाथ में लेना

स्कूलों को 31 जुलाई तक फीस के प्रस्ताव जमा करने होंगे

प्राइवेट स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अगले तीन एकेडमिक सेशन के लिए अपनी फीस के प्रस्ताव 31 जुलाई, 2026 तक जमा करें।